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महंगाई की मार के साथ हुई मार्च की शुरुआत, पहले दूध फिर LPG के दामों में इज़ाफ़ा

नया महीना आते ही ख़ुशी की जगह लोगों को टेंशन होना शुरू हो जाती है कि आख़िर अब कौनसी चीज़ महंगी होने वाली है। ये टेंशन बेवजह नहीं बल्कि सही होती है। आज मार्च महीने का पहला दिन है और लोगों पर महंगाई की मार पड़ चुकी है। Russia-Ukraine की जंग के बीच 1 मार्च को LPG Cylinder के नए रेट जारी हो गए। Cylinder के रेट में 105 रुपये का इजाफा हुआ है। यह इजाफा कमर्शियल Cylinder में किया गया है।

काफी हद तक संभव है कि 7 मार्च के बाद घरेलू LPG Cylinder भी महंगा हो जाए। क्योंकि अभी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की छठे चरण की वोटिंग 3 मार्च और सातवें चरण का मतदान 7 मार्च को है। ऐसे में 7 मार्च के बाद आफत आ सकती है। बता दें कि मंगलवार(1 मार्च) को अमूल दूध के दाम में दो रुपये प्रति लीटर का इज़ाफ़ा किया गया, तो इसका असर जब तक लोगों पर होता उससे पहले ही उन्हें एक और झटका लगा। काफी दिनों से स्थिर रहने के बाद गैस सिलेंडर के दाम को भी बढ़ा दिया गया। यानी मार्च की पहली तारीख को लोगों पर महंगाई का डबल अटैक हुआ।

दाम में बढ़ोतरी के बाद अब 19 किलो वाला LPG Cylinder 1 मार्च से अब दिल्ली में 1907 रुपये के बजाय 2012 रुपये में मिलेगा। कोलकाता में अब 1987 रुपये के बजाय 2095 रुपये में मिलेगा जबकि, मुंबई में इसकी कीमत अब 1857 से बढ़कर 1963 रुपये हो गई है। राहत भरी बात ये है कि घरेलू LPG Cylinder की कीमत अभी भी स्थिर रखी गई है। इसमें छह अक्तूबर 2021 के बाद न ही कोई कमी की गई और न ही किसी तरह की कोई बढ़ोतरी। हालांकि इस दौरान कच्चे तेल की कीमत में 102 रुपये डॉलर प्रति बैरल इजाफा हुआ। ऐसे में संभावना व्यक्त की जा रही है कि आने वाले समय में या कहें तो पांच राज्यों में जारी विधानसभा चुनावों के परिणाम आने के बाद घरेलू Cylinder के दाम में भी बढ़ोतरी की जा सकती है।

उम्मीद है दिवाली के बाद से स्थिर Petrol-Diesel की कीमतों में भी 10 मार्च को चुनाव परिणाम आने के बाद तेज बढ़ोतरी की जा सकती है। बता दें कि Russia-Ukraine के बीच जारी युद्ध के चलते कच्चे तेल की कीमतें आठ साल के शिखर पर पहुंच चुकी हैं। लेकिन इसके विपरीत तेल कंपनियों ने Petrol-Diesel के दाम स्थिर रखे हुए हैं। इसका बड़ा कारण चुनाव है और विशेषज्ञों की मानें तो कंपनियों ने चुनाव परिणामों के बाद आम आदमी की जेब पर बोझ डालने की तैयारी कर ली है। अगर रूस और Ukraine के बीच यूद्ध लंबा खिंचता है तो पहले से ही महंगाई से परेशान भारत के लिए तो ये जबरदस्त मार से कम नहीं होगा। बता दें कि देश में खाने के तेल का बड़े पैमाने पर यूक्रेन से आयात करता है।

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