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Saturday, September 11, 2021

तेजस की खरीद के निर्णय से ”आत्मनिर्भर भारत” बनाने के लिए आंदोलन मजबूत होगा: मोदी

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पड़ोसी मुल्कों के साथ जारी तनाव के बीच जल्द ही भारतीय वायुसेना की ताकत में इजाफा होने वाला है। दरअसल, वायुसेना के बेड़े में जल्द ही 83 तेजस लड़ाकू विमान शामिल होने वाले हैं।

अब पड़ोसी देश को भारत के खिलाफ कोई भी कदम उठाने से पहले सौ बार सोचना होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) द्वारा तेजस की 48 हजार करोड़ की डील को मंजूरी दे दी गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई सुरक्षा मामलों पर मंत्रिमंडल की समिति की बैठक में यह फैसला किया गया। मोदी ने ट्वीट किया, ”आज के कैबिनेट के फैसले से हमारे सशस्त्र बलों की क्षमताओं में सुधार होगा, स्वदेशी रक्षा उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और आत्मानिभर भारत बनाने के लिए आंदोलन मजबूत होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा घरेलू रक्षा खरीद के तहत भारतीय वायु सेना के लिये 83 तेजस विमान खरीदने को मंजूरी देने से आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती मिलेगी।

सुरक्षा मामलों पर मंत्रिमंडल की समिति (सीसीएस) ने वायुसेना के लिए घरेलू रक्षा खरीद के तहत करीब 48,000 करोड़ रुपये की लागत से 83 तेजस विमान खरीदने को बुधवार को मंजूरी प्रदान की है।

इस मौके पर केंद्रीय ग्रह मंत्री अमित शाह ने कहा स्वदेशी रक्षा विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए एक बड़े कदम में, पीएम श्री की अध्यक्षता में कैबिनेट नरेंद्र मोदी जी ने हमारे प्रतिष्ठित हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) से Comb 48,000 करोड़ की भारतीय वायु सेना के लिए 83 लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट तेजस की खरीद को मंजूरी दी है।

उन्होंने आगे कहा यह दूरदर्शी निर्णय ऐसे शक्तिशाली लड़ाकू विमानों के साथ हमारे शक्तिशाली वायु सेना के बेड़े को और मजबूत करेगा और पीएम मोदी के अतंरिभार भारत के दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करने के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में कार्य करेगा। मैं पीएम नरेंद्र मोदी और राजनाथ राजनाथसिंह को बधाई देता हूं इस कदम के लिए।

मिली जानकारी के अनुसार इन तेजस जेट के अलावा भारत 170 तेजस मार्क-2 की खरीद को मंजूरी देने पर विचार कर रहा है, जोकि पॉवरफुल इंजन और एडवांस टेक्नोलॉजी से बना होगा।

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक वर्ष 2029 तक सभी 83 विमानों को वायुसेना को सौंपने का लक्ष्य है। इन 83 विमानों से वायुसेना की कम से कम 6 स्क्वॉड्रन बन जाएंगी। एक स्क्वॉड्रन में 16-18 शक्तिशाली लड़ाकू विमान होते हैं।

तेजस की बात करें तो ये चौथी पीढ़ी का स्वदेशी टेललेस कंपाउंड डेल्टा विंग विमान है। यह प्लाई बॉय वायर फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम, इंटीग्रेटेड डिजिटल एवियोनिक्स, मल्टीमॉड रडार से लैस लड़ाकू विमान है और इसकी संरचना कंपोजिट मैटेरियल से बनी है।

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