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Tuesday, September 21, 2021

RBI का सर्कुलर सुप्रीम कोर्ट ने किया निरस्त, अब क्रिप्टोकरेंसी में भी कर सकेंगे लेनदेन

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बैंकिंग लेनदेन में क्रिप्टोकरेंसी और बिटक्वाइन आदि पर पूरी तरह से रोक लगाने वाले भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के सर्कुलर को सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को निरस्त कर दिया है। इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने आरबीआई के निर्णय को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने क्रिप्टोकरेंसी में ट्रेड की अनुमति दे दी है।

सुनवाई के दौरान आईएमएआई ने कहा था कि केंद्रीय बैंक के इस कदम से क्रिप्टोकरेंसी में होने वाली वैध कारोबारी गतिविधियों पर प्रभावी रूप से पाबंदी लग गई है, जिसके जवाब में आरबीआई ने कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया गया। आरबीआई ने कहा कि उसने क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से मनी लाउंड्रिंग और टेरर फंडिंग के खतरे के मद्देनजर यह कदम उठाया है।

न्यायमूर्ति रोहिंटन नरीमन की अध्यक्षता वाली पीठ ने क्रिप्टोकरेंसी पर यह अहम निर्णय दिया। पीठ में जस्टिस अनिरुद्ध बोस और वी रामसुब्रमण्यम भी शामिल थे। वहीं, साल 2018 में भारतीय रिजर्व बैंक ने एक सर्कुलर जारी कर क्रिप्टोकरेंसी कारोबार को बैन किया था। लेकिन आज सुप्रीम कोर्ट ने वर्चुअल करेंसी को उससे ट्रेड को मंजूरी दे दी है। अब कोर्ट के इस आदेश के बाद वर्चुअल करेंसी जैसे बिटक्वाइन में कानूनी रूप से लेन-देन किया जा सकता है।

क्रिप्टोकरेंसी की बात करे तों यह एक ऐसी करेंसी है जिस आप देश नहीं सकते, मतलब आप इसे डिजिटल रुपया कह सकते हैं। क्रिप्टोकरेंसी को कोई बैंक जारी नहीं करती है। इसे जारी करने वाले ही इसे कंट्रोल करते हैं। इसका इस्तेमाल डिजिटल की दुनिया में ही होता है।

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